:
Breaking News

फेलियर से फील्ड कमांडर तक: मुजफ्फरपुर के नए सिटी एसपी IPS मोहिबुल्लाह की प्रेरणादायक यात्रा

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

असफलता अगर हौसला तोड़ दे तो सपना खत्म हो जाता है, लेकिन अगर वही असफलता जिद बन जाए तो इतिहास लिखा जाता है। मुजफ्फरपुर के नए नगर पुलिस अधीक्षक IPS मोहिबुल्लाह अंसारी की कहानी कुछ ऐसी ही है—जो हार मानने से इनकार करने का मजबूत संदेश देती है।
बिहार के सीवान जिले से आने वाले मोहिबुल्लाह अंसारी आज जिस मुकाम पर हैं, वहां तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। स्कूल के दिनों में पढ़ाई उनके लिए प्राथमिकता नहीं थी। शरारतों के कारण दोस्त उन्हें मजाक में “मुसीबतुल्लाह” कहकर बुलाते थे। नतीजा यह हुआ कि वे 10वीं और 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षाओं में असफल हो गए। इस दौर में परिवार और समाज की अपेक्षाओं का दबाव भी उन पर भारी पड़ा।
लेकिन यहीं से कहानी ने मोड़ लिया। खुद को साबित करने की ठान लेकर उन्होंने दोबारा मेहनत शुरू की। 12वीं बेहतर अंकों से पास की और फिर IIT-JEE की तैयारी में जुट गए। कड़ी मेहनत रंग लाई और उन्हें IIT दिल्ली में केमिकल इंजीनियरिंग में दाखिला मिला। हालांकि यहां भी उनका मन पढ़ाई से ज्यादा अन्य गतिविधियों में लगा, जिसका असर परिणामों पर पड़ा।
2015 में बीटेक पूरा करने के बाद उन्हें नौकरी मिली, लेकिन महज 12 दिन में ही उन्होंने महसूस किया कि यह उनकी मंजिल नहीं है। समाज के लिए कुछ बड़ा करने की चाह उन्हें यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की ओर ले गई। दिल्ली पहुंचकर उन्होंने दिन-रात पढ़ाई की। पहले ही प्रयास में प्रीलिम्स और मेंस पास कर लिए, लेकिन इंटरव्यू में घबराहट ने उन्हें रोक दिया।
इसके बाद लगातार तीन बार इंटरव्यू तक पहुंचकर असफल होना उनके लिए सबसे कठिन दौर था। यह असफलता उन्हें डिप्रेशन तक ले गई। तभी उनके पिता ने उन्हें गले लगाकर सिर्फ इतना कहा—“सब ठीक हो जाएगा।” यही शब्द उनके जीवन का सबसे बड़ा संबल बन गया।
करीब दो साल के आत्ममंथन और नई रणनीति के साथ मोहिबुल्लाह ने फिर से तैयारी शुरू की। साल 2021 में चौथे प्रयास में उन्होंने 381वीं रैंक हासिल कर आईपीएस कैडर में जगह बनाई।
अब बिहार में हुए प्रशासनिक तबादलों के तहत उन्हें मुजफ्फरपुर का नगर पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। उनकी यह तैनाती सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं के लिए उम्मीद है जो असफलता से डरकर अपने सपनों को छोड़ने की सोचते हैं।
IPS मोहिबुल्लाह अंसारी की कहानी बताती है कि
फेल होना अंत नहीं, बल्कि सही दिशा में उठाया गया अगला कदम हो सकता है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *